सम्बन्धवाची शब्दावली सम्बन्धवाची शब्दावली

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए सम्बन्धवाची शब्दावली की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए सम्बन्धवाची शब्दावली की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

सम्बन्धवाची शब्दावली: माइंडमैपसम्बन्धवाची शब्दावली: माइंडमैप

mindmap root((सम्बन्धवाची शब्दावली)) सम्बन्धवाचक संज्ञाएं रक्त सम्बन्ध वैवाहिक सम्बन्ध सामाजिक सम्बन्ध सम्बन्धबोधक अव्यय कालवाचक स्थानवाचक दिशावाचक साधनवाचक व्याकरणिक नियम लिंग परिवर्तन वचन प्रभाव
mindmap root((सम्बन्धवाची शब्दावली)) सम्बन्धवाचक संज्ञाएं रक्त सम्बन्ध वैवाहिक सम्बन्ध सामाजिक सम्बन्ध सम्बन्धबोधक अव्यय कालवाचक स्थानवाचक दिशावाचक साधनवाचक व्याकरणिक नियम लिंग परिवर्तन वचन प्रभाव

सम्बन्धवाची शब्दावली: त्वरित तुलना तालिकासम्बन्धवाची शब्दावली: त्वरित तुलना तालिका

सम्बन्ध का प्रकारसम्बन्ध का प्रकारपुरुषवाचक शब्दपुरुषवाचक शब्दस्त्रीवाचक शब्दस्त्रीवाचक शब्द
रक्तपितामाता
रक्तपुत्रपुत्री
वैवाहिकपतिपत्नी
वैवाहिकससुरसास
सामाजिकशिष्यशिष्या

सम्बन्धवाची संज्ञा की परिभाषासम्बन्धवाची संज्ञा की परिभाषा

वे शब्द जो दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच पारस्परिक सम्बन्ध को व्यक्त करते हैं, सम्बन्धवाची शब्द कहलाते हैं।वे शब्द जो दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच पारस्परिक सम्बन्ध को व्यक्त करते हैं, सम्बन्धवाची शब्द कहलाते हैं।

मुख्य बिन्दु: ये शब्द अक्सर संज्ञा के रूप में प्रयुक्त होते हैं और कारक चिन्हों (का, की, के, रा, री, रे) के साथ आते हैं।मुख्य बिन्दु: ये शब्द अक्सर संज्ञा के रूप में प्रयुक्त होते हैं और कारक चिन्हों (का, की, के, रा, री, रे) के साथ आते हैं।

रक्त सम्बन्धों की शब्दावली

रक्त सम्बन्धों की शब्दावली

परिवार के भीतर के सम्बन्धों को स्पष्ट करने वाले शब्द: दादा-दादी, नाना-नानी, पिता-माता, चाचा-चाची, मामा-मामी, भाई-बहन, ताऊ-ताई, बुआ-फूफा।परिवार के भीतर के सम्बन्धों को स्पष्ट करने वाले शब्द: दादा-दादी, नाना-नानी, पिता-माता, चाचा-चाची, मामा-मामी, भाई-बहन, ताऊ-ताई, बुआ-फूफा।

वैवाहिक सम्बन्ध

वैवाहिक सम्बन्ध

विवाह के पश्चात बनने वाले सम्बन्ध: ससुर-सास, दामाद-बहू, साला-सलहज, ननद-नन्दोई, साढू-साली, जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी।विवाह के पश्चात बनने वाले सम्बन्ध: ससुर-सास, दामाद-बहू, साला-सलहज, ननद-नन्दोई, साढू-साली, जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी।

सम्बन्धबोधक अव्यय का प्रयोग

सम्बन्धबोधक अव्यय का प्रयोग

जो अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के पीछे लगकर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ जोड़ते हैं। उदाहरण: के ऊपर, के नीचे, के भीतर, के सामने, के पीछे, के बिना, के अनुसार।जो अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के पीछे लगकर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ जोड़ते हैं। उदाहरण: के ऊपर, के नीचे, के भीतर, के सामने, के पीछे, के बिना, के अनुसार।

महत्वपूर्ण उदाहरण (सूची 1)

महत्वपूर्ण उदाहरण (सूची 1)

भतीजा-भतीजी, भांजा-भांजी, पोता-पोती, परपोता-परपोती, साला-साली, ननद-भाभी, ससुर-दामाद।भतीजा-भतीजी, भांजा-भांजी, पोता-पोती, परपोता-परपोती, साला-साली, ननद-भाभी, ससुर-दामाद।

महत्वपूर्ण उदाहरण (सूची 2)

महत्वपूर्ण उदाहरण (सूची 2)

सहपाठी, मित्र, सखा, गुरु-शिष्य, अनुज-अग्रज, अनुजा-अग्रजा, पितृव्य, मातृव्य, श्वसुर।सहपाठी, मित्र, सखा, गुरु-शिष्य, अनुज-अग्रज, अनुजा-अग्रजा, पितृव्य, मातृव्य, श्वसुर।

व्याकरणिक नियम: लिंग और वचन

व्याकरणिक नियम: लिंग और वचन

नियम: सम्बन्धवाचक संज्ञाओं में लिंग परिवर्तन के साथ प्रत्यय में बदलाव आता है (जैसे: आ -> ई, 'आनी' प्रत्यय)।नियम: सम्बन्धवाचक संज्ञाओं में लिंग परिवर्तन के साथ प्रत्यय में बदलाव आता है (जैसे: आ -> ई, 'आनी' प्रत्यय)।

परीक्षा उपयोगी टिप्स और ट्रिक्सपरीक्षा उपयोगी टिप्स और ट्रिक्स

1. 'का, की, के' शब्दों को पहचानें, ये सम्बन्ध का संकेत हैं। 2. लिंग बदलने पर अन्तिम स्वर (आ/ई) को ध्यान से देखें। 3. 'सम्बन्धबोधक' अव्यय हमेशा संज्ञा के बाद आते हैं, इन्हें क्रिया विशेषण से भ्रमित न करें। 4. अभ्यास हेतु पारिवारिक वृक्ष (Family Tree) बनाकर शब्दों का बार-बार अभ्यास करें।1. 'का, की, के' शब्दों को पहचानें, ये सम्बन्ध का संकेत हैं। 2. लिंग बदलने पर अन्तिम स्वर (आ/ई) को ध्यान से देखें। 3. 'सम्बन्धबोधक' अव्यय हमेशा संज्ञा के बाद आते हैं, इन्हें क्रिया विशेषण से भ्रमित न करें। 4. अभ्यास हेतु पारिवारिक वृक्ष (Family Tree) बनाकर शब्दों का बार-बार अभ्यास करें।